यदि सब कुछ पहले से लिखा है (तकदीर), तो इंसान को उसके पापों की सजा क्यों? (If everything is already predestined (written as fate), then why should a person be punished for their sins?”)

क्या हम केवल ईश्वर के हाथों की कठपुतलियाँ हैं? एक आम तर्क यह दिया जाता है कि यदि हमारी किस्मत (तकदीर) पहले से लिखी जा चुकी है, तो हमारे पापों के लिए हमें दोषी ठहराना अन्याय है। लेकिन क्या ‘लिखे होने’ का अर्थ ‘मजबूर होना’ है।

अल्लाह ने अपनी किताब सिर्फ अरबी भाषा में ही क्यों उतारा? Why was Allah’s message only in Arabic?

क्या ईश्वर भाषाई रूप से पक्षपाती है? अक्सर यह सवाल उठाया जाता है कि कुरान केवल अरबी में ही क्यों उतरा। क्या इसका मतलब यह है कि बाकी भाषाओं के बोलने वालों को नज़रअंदाज़ किया गया?

क़ुरआन में नमाज़ पढ़ने की बजाय नमाज़ क़ायम करने की बात क्यों कही गई है और नमाज़ को अक्सर ज़कात के साथ क्यों रखा गया है?(Namaz-Part 2)

नमाज़ जहाँ एक आध्यात्मिक इबादत है, वहीं ज़कात एक सामाजिक क्रांति है। कुरान इन दोनों को एक साथ रखकर कैसे एक ऐसे प्रशासनिक और मानवीय ढांचे का निर्माण करता है जहाँ ‘ईश्वर की भक्ति’ और ‘इंसान की सेवा’ एक ही सिक्के के दो पहलू बन जाते हैं।

सृष्टिकर्ता (Creator) गाजा (Gaza)के लोगों की मदद क्यों नहीं करता?

गज़ा (Gaza) की त्रासदी और सृष्टिकर्ता (Creator) की भूमिका को समझना मानवीय उत्तरदायित्व (Human Accountability) और ‘खलीफा’ (Representative) के सिद्धांत को समझने जैसा है। यह संकट ईश्वरीय विफलता नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक निष्क्रियता(Collective Inaction) का परिणाम है। ​यहाँ कुरान की आयतों के माध्यम से इसका तार्किक विश्लेषण दिया गया है: ​खलीफा का पद और मानवीय … Read more

क्या आदम (Adam) और हव्वा (Eve) की कहानी डार्विन के ‘विकासवाद के सिद्धांत’ (Theory of Evolution) से मेल खाती है?

आदम (Adam) की रचना और डार्विन के विकासवाद (Evolution) के बीच का संबंध तार्किक दृष्टिकोण से अत्यंत रोचक है। कुरान और विज्ञान के बीच कोई अनिवार्य टकराव नहीं है, बल्कि वे एक ही सच्चाई को अलग-अलग स्तरों पर समझाते हैं। ​यहाँ कुरान के संदर्भ में इसका तार्किक और वैज्ञानिक विश्लेषण दिया गया है: ​मिट्टी से … Read more

यदि विज्ञान कहता है कि पृथ्वी अरबों साल पुरानी है, तो धार्मिक ग्रंथों में इसे दिनों में क्यों गिना गया है?

विज्ञान का अरबों सालों का विकासवाद और धर्मग्रंथों की ‘सृष्टि’ की कहानी—क्या ये दोनों एक-दूसरे के दुश्मन हैं? कुरान की आयतों और आधुनिक जेनेटिक्स (Genetics) के माध्यम से समझिए कि विज्ञान और आस्था कहाँ आकर मिलते हैं।

चोरी के लिए हाथ काटना या अन्य कड़े दंड आज के समय में ‘बर्बर’ (Barbaric) नहीं लगते?”

इस्लाम में दंड विधान (Criminal Law) केवल अपराधी को कष्ट देना नहीं, बल्कि समाज को अपराध मुक्त बनाने की एक ‘निवारक प्रणाली’ (Deterrent System) है। आइए कुरान के इन सख्त नियमों के पीछे छिपे तार्किक उद्देश्यों और आधुनिक न्याय व्यवस्था से उनकी तुलना का विश्लेषण करें।

विरासत में महिलाओं का हिस्सा पुरुषों से आधा क्यों है? क्या यह न्यायपूर्ण है?

क्या इस्लाम का विरासत कानून केवल एक ‘प्रतिशत’ है या यह एक बड़ी ‘वित्तीय जिम्मेदारी’ (Financial Responsibility) से जुड़ा है? जानिए कैसे कुरान का विरासत नियम महिला और पुरुष के बीच भेदभाव नहीं, बल्कि समाज में आर्थिक संतुलन और सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक दिव्य पैमाना है।

सृष्टिकर्ता (Creator)  ने पुरुषों को चार शादियों की अनुमति क्यों दी, जबकि महिलाओं के लिए ऐसा नहीं है? क्या यह असमानता नहीं है?”

क्या बहुविवाह केवल पुरुषों को दी गई एक छूट है, या यह कुछ विशेष सामाजिक और मानवीय परिस्थितियों का समाधान है? आधुनिक नैतिकता और ऐतिहासिक संदर्भों के प्रकाश में इस विवादित विषय की एक वैज्ञानिक और कुरानिक व्याख्या।