सूद की जंजीरें और दम तोड़ती इंसानियत: लखनऊ त्रासदी का एक कुरानिक और तार्किक विश्लेषण (Interest Traps and Dying Humanity: A Quranic & Logical Analysis of the Lucknow Tragedy)

img 20260329 wa0002.jpg

लखनऊ के एक परिवार द्वारा कर्ज के दबाव में जहर खाने की घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी वर्तमान आर्थिक व्यवस्था की विफलता है। जहाँ कुरान और अन्य धर्मग्रंथ ‘दया’ और ‘ब्याज-मुक्त’ समाज की बात करते हैं, वहीं आज का ‘सूद’ आधारित तंत्र इंसानी जान लेने पर उतारू है। आइए समझते हैं इस गहरे संकट का आध्यात्मिक और सामाजिक समाधान।