सूद की जंजीरें और दम तोड़ती इंसानियत: लखनऊ त्रासदी का एक कुरानिक और तार्किक विश्लेषण (Interest Traps and Dying Humanity: A Quranic & Logical Analysis of the Lucknow Tragedy)
लखनऊ के एक परिवार द्वारा कर्ज के दबाव में जहर खाने की घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी वर्तमान आर्थिक व्यवस्था की विफलता है। जहाँ कुरान और अन्य धर्मग्रंथ ‘दया’ और ‘ब्याज-मुक्त’ समाज की बात करते हैं, वहीं आज का ‘सूद’ आधारित तंत्र इंसानी जान लेने पर उतारू है। आइए समझते हैं इस गहरे संकट का आध्यात्मिक और सामाजिक समाधान।