फैलता हुआ ब्रह्मांड (The Expanding Universe)

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The Expanding Universe in Quran : ब्रह्मांड की उत्पत्ति (Big Bang) के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था: “अब क्या हो रहा है?” सदियों तक अरस्तू (Aristotle), न्यूटन और यहाँ तक कि आइंस्टीन भी मानते थे कि ब्रह्मांड “स्थिर” (Static) है—न बढ़ रहा है, न घट रहा है। यह एक “अनंत और अचल” संरचना मानी जाती थी। कुरान ने 1400 साल पहले Expanding Universe की बात की।

The Expanding Universes in Quranic Verses:-

A. The Continuous Expansion

1. Surah Adh-Dhariyat (51:47)

​وَالسَّمَاءَ بَنَيْنَاهَا بِأَيْدٍ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ

Pronunciation:

Was-sama-a banaynaha bi-aydin wa inna la-moosi-‘oon.

English Translation of verse 51:47:-

(51:47): “And the heaven We built with strength, and indeed, We are (its) expander.”

(Note: The word ‘Musi’un’ implies one who expands things continuously).

Hindi Translation of verse 51:47:-

(51:47): “और आसमान को हमने (अपनी) ताकत से बनाया, और बेशक हम ही उसे लगातार फैलाने वाले(Expander) हैं।”

Human concept on Expanding Universe:-

  1. The “Static Universe” Dogma: 20वीं सदी की शुरुआत तक, वैज्ञानिक मानते थे कि ब्रह्मांड का आकार स्थिर (Fixed) है।
  2. Einstein’s Blunder: अल्बर्ट आइंस्टीन को अपने समीकरणों में दिख रहा था कि ब्रह्मांड फैल रहा है, लेकिन उस समय की मान्यता (Belief) के कारण उन्होंने जबरदस्ती एक “Cosmological Constant” जोड़ दिया ताकि ब्रह्मांड को स्थिर रखा जा सके। बाद में उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती (Biggest Blunder) कहा।
  3. Atheistic Argument: अगर ब्रह्मांड स्थिर और अनंत है, तो इसका कोई “शुरुआती बिंदु” नहीं है, और इसलिए किसी “बनाने वाले” (Creator) की जरूरत नहीं है।

Explanation of Quranic Revelations of Expanding Universe:-

कुरान ने 7वीं सदी में इस “स्थिरता” के विचार को खारिज कर दिया था।

Explanation:

इस आयत में अल्लाह ने अपने लिए मूसिऊन” (Mosi’oon) शब्द का इस्तेमाल किया है।

  • ​अरबी व्याकरण (Grammar) के अनुसार, यह शब्द “Plural Active Participle” है, जिसका मतलब है ऐसा काम जो लगातार हो रहाहै (Continuous Action)।
  • ​इसका सही अर्थ है: “हम इसे फैला रहे हैं” या “हम इसे विस्तृत कर रहे हैं” (We are expanding it).

कुरान यहाँ साफ कह रहा है कि ब्रह्मांड रुका हुआ नहीं है, बल्कि वह गुब्बारे की तरह हर पल बड़ा होता जा रहा है। यह solution इंसान को बताता है कि यह ब्रह्मांड एक “जिंदा” रचना (Dynamic Creation) है जिसे अल्लाह हर पल अपनी ताकत से चला रहा है।

6. Scientific Evidence & Research: ब्रह्मांड को स्थिर और अनंत माना जाता था जब तक एक अमेरिकी खगोलशास्त्री Edwin Hubble ने अपनी ऐतिहासिक खोज नहीं की।

  • Edwin Hubble (1929): उन्होंने अपनी दूरबीन (Hooker Telescope) से देखा कि दूर स्थित आकाशगंगाएँ (Galaxies) हमसे दूर जा रही हैं। उन्होंने पाया कि जो गैलेक्सी जितनी दूर है, वह उतनी ही तेजी से दूर भाग रही है। इसे Redshift कहा जाता है।
  • Hubble’s Law: इस खोज ने साबित किया कि ब्रह्मांड स्थिर नहीं है, बल्कि Expand (फैल) रहा है।

Modern Cosmology: आज साइंस मानती है कि यह फैलाव Dark Energy की वजह से और तेज (Accelerating) हो रहा है। कुरान का शब्द “Expanders” (फैलाने वाला) इस आधुनिक खोज का सटीक वर्णन है।

Comparative Analysis on Expanding Universe:-

Religious Book / धर्म ग्रंथ

Reference

Concept / Verse

Why Quran is More Clear? (कुरान अलग और स्पष्ट क्यों है?)

Al-Quran (Islam)

Surah 51:47

“We are surely its Expanders.”

Dynamic Action (गतिशील क्रिया): कुरान एकमात्र ऐसी किताब है जो स्पष्ट रूप से “फैलने” (Expansion) को एक Continuous Process बताती है। यह Einstein के Static Universe की गलती को 1400 साल पहले ही सुधार देती है।

Bible (Old Testament)

Isaiah 40:22

“He stretches out the heavens like a canopy/tent.”

Metaphor vs Reality: बाइबिल में आसमान को “तंबू” (Tent) या “चादर” की तरह तानने की बात है। कई ईसाई विद्वान इसे Expansion कहते हैं, लेकिन आलोचक कहते हैं कि तंबू एक बार तन जाता है तो स्थिर (Fixed) हो जाता है। कुरान का शब्द “मूसिऊन” (Expanding continuously) ज्यादा सटीक वैज्ञानिक शब्द है।

Rigveda (Hinduism)

Mandala 10, Hymn 72

“The world grew large…” (Aditi gave birth to Daksha).

Cyclic Nature: हिंदू दर्शन में ब्रह्मांड के “श्वास” (Breathing) की अवधारणा है—सृष्टि का फैलना (ब्रह्मा का दिन) और सिकुड़ना (ब्रह्मा की रात)। यह “Oscillating Universe” जैसा है। कुरान “Linear Expansion” (लगातार फैलाव) की बात करता है जो कि वर्तमान “Standard Model of Cosmology” (Big Bang) के मुताबिक है।

Final Conclusion on Expanding Universe:-

यह कुरान का सबसे बड़ा वैज्ञानिक चमत्कार माना जाता है। जब पूरी दुनिया (आइंस्टीन सहित) ब्रह्मांड को “रुका हुआ” मान रही थी, तब रेगिस्तान में एक अनपढ़ नबी (स) ने कहा: “नहीं, यह फैल रहा है।” यह जानकारी मानव स्रोत से नहीं आ सकती थी।

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