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Exploring the messages of CREATOR

The Allah of Muslims is the same as the Ishwar of Hindus and the God of Christians

Believer vs Non-Believer में आपका स्वागत है

Creator के संदेशों की logical और scientific खोज को समर्पित इस मंच पर आपका स्वागत है। ? Believer vs Non-Believer एक ऐसा मंच है जहाँ हम धर्म और आधुनिक विज्ञान के बीच के पुल को मज़बूत करते हैं। हमारा उद्देश्य अंधविश्वास फैलाना नहीं, बल्कि प्रमाणों (Evidences) के आधार पर उस ‘सृष्टिकर्ता’ (Creator) को पहचानना है जिसने हमें जीवन और बुद्धि का उपहार दिया। Creator पर विश्वास क्यों और कैसे करें? विश्वास केवल भावनाओं का विषय नहीं है, यह तर्क और अवलोकन (Observation) का परिणाम है। ​क्यों? क्योंकि एक सुव्यवस्थित मशीनरी (जैसे मानव शरीर या सौर मंडल) बिना किसी इंजीनियर के अस्तित्व में नहीं आ सकती। क्या कोई वैज्ञानिक प्रमाण है? हम ब्रह्मांड की जटिल संरचना, ‘Fine-tuning’ और मानव रचना का विज्ञान के माध्यम से यह खोजेंगे कि क्या यह सब ‘इत्तेफाक’ हो सकता है? यहाँ हम उन ठोस कारणों (Logical Reasons) पर चर्चा करेंगे जो चीख-चीख कर एक ‘महान बुद्धि’ (Supreme Intelligence) की गवाही देते हैं।

Creator’s Guidance: किसके लाभ के लिए? एक आम प्रश्न उठता है: “क्या ईश्वर को हमारी इबादत या नियमों के पालन की आवश्यकता है? “सत्य यह है: ईश्वर को हमारी किसी भी सेवा की आवश्यकता नहीं है, वह ‘बेपरवाह’ (Self-Sufficient) है। ​”Creator का Guidance बिल्कुल वैसा ही है जैसे एक कंपनी द्वारा अपनी मशीन के साथ दिया गया ‘User Manual’। यदि हम नियमों का पालन करते हैं, तो मशीन सही चलेगी और हमें सुख देगी। आज की दुनिया में हमने अपने स्वार्थ के लिए जो सिस्टम बनाए हैं जैसे ब्याज आधारित अर्थव्यवस्था (Interest System), विरासत के नियम (Inheritance Law) आदि, वे कुछ लोगों को शायद अल्पकालिक (Short-term) लाभ तो देते हैं, लेकिन पूरी मानवता के र्वतमान और भविष्य दोनों को अंधकार में डाल रहे हैं। जबकि Creator का guidance हमें पूरी मानवता (Whole Humanity) के लिए वह संतुलन (Balance) सिखाता है जो आज भी सुखद है और आने वाली पीढ़ियों (Future Generations) के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करता है। हमारा लक्ष्य: एक बेहतर भविष्य का निर्माण करना है।

Believer vs Non-Believer पर, हम Comparative Religion का गहराई से अध्ययन करते हैं और faith और modern science के बीच के अंतर को पाटते हैं। क्या कुरान के ‘अल्लाह’, वेदों के ‘ईश्वर’ और बाइबिल के ‘गॉड’ एक ही हैं? हमारे Research based Articles पैगंबरों की अखंड श्रृंखला और धर्मग्रंथों में छुपे Universal Truth को उजागर करते हैं।

अल्लाह ने अपनी किताब सिर्फ अरबी भाषा में ही क्यों उतारा? Why was Allah’s message only in Arabic?

April 5, 2026

क्या ईश्वर भाषाई रूप से पक्षपाती है? अक्सर यह सवाल उठाया जाता है कि कुरान केवल अरबी में ही क्यों उतरा। क्या इसका मतलब यह है कि बाकी भाषाओं के बोलने वालों को नज़रअंदाज़ किया गया?

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यदि सब कुछ पहले से लिखा है (तकदीर), तो इंसान को उसके पापों की सजा क्यों? (If everything is already predestined (written as fate), then why should a person be punished for their sins?”)

April 5, 2026

क्या हम केवल ईश्वर के हाथों की कठपुतलियाँ हैं? एक आम तर्क यह दिया जाता है कि यदि हमारी किस्मत (तकदीर) पहले से लिखी जा चुकी है, तो हमारे पापों के लिए हमें दोषी ठहराना अन्याय है। लेकिन क्या ‘लिखे होने’ का अर्थ ‘मजबूर होना’ है।

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