
Exploring the messages of CREATOR
The Allah of Muslims is the same as the Ishwar of Hindus and the God of Christians
Believer vs Non-Believer में आपका स्वागत है
Creator के संदेशों की logical और scientific खोज को समर्पित इस मंच पर आपका स्वागत है। Believer vs Non-Believer पर, हम Comparative Religion का गहराई से अध्ययन करते हैं और faith और modern science के बीच के अंतर को पाटते हैं। क्या कुरान के ‘अल्लाह’, वेदों के ‘ईश्वर’ और बाइबिल के ‘गॉड’ एक ही हैं? हमारे Research based Articles पैगंबरों की अखंड श्रृंखला और धर्मग्रंथों में छुपे Universal Truth को उजागर करते हैं।
चाहे आप विज्ञान और कुरान (Quran and Science) के अद्भुत तालमेल को समझना चाहते हों, मृत्यु के बाद जीवन के तार्किक प्रमाण ढूँढ रहे हों, या इस्लामी सामाजिक कानूनों के पीछे के न्याय और समाजशास्त्र को जानना चाहते हों—यह वेबसाइट आपके लिए है। हम हर धर्म के अनुयायियों और नास्तिकों (Atheists) को आमंत्रित करते हैं कि वे खुले दिमाग से Truth, Tolerance और Logical Dialogue की इस यात्रा में शामिल हों।
पहचान और दर्द का विज्ञान: फिंगरप्रिंट और नर्वस सिस्टम (Identity & Pain: Fingerprints & Skin Sensors)
January 27, 2026
क्या फिंगरप्रिंट और दर्द का विज्ञान 1400 साल पहले मौजूद था? सूरह अल-क़ियामा (75:4) और अन-निसा (4:56) से जानें कि कैसे कुरान ने फोरेंसिक साइंस (Forensic Science) और त्वचा में मौजूद ‘Pain Receptors’ के रहस्य को उजागर किया।
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माथा और झूठ: दिमाग का फैसला केंद्र (The Frontal Lobe: Center of Lying and Decision Making)
January 27, 2026
क्या झूठ जुबान बोलती है या माथा? सूरह अल-अलक (96:15-16) और Neuroscience के विश्लेषण से समझें कि 1400 साल पहले कुरान ने दिमाग के अगले हिस्से (Prefrontal Cortex) को फैसलों और झूठ का असली केंद्र (Nasiyah) क्यों कहा था।
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नींद और मौत: चेतना का रहस्य (Sleep & Death: The Mystery of Consciousness)
January 27, 2026
Quranic Verse on Sleep & Death:- Surah Az-Zumar (39:42) اللَّهُ يَتَوَفَّى الْأَنفُسَ حِينَ مَوْتِهَا وَالَّتِي لَمْ تَمُتْ فِي مَنَامِهَا ۖ فَيُمْسِكُ الَّتِي قَضَىٰ عَلَيْهَا الْمَوْتَ وَيُرْسِلُ الْأُخْرَىٰ إِلَىٰ أَجَلٍ مُّسَمًّى… English Translation of verses on Sleep & Death:- ”Allah takes away the souls at the time of their death, and those that do not die,
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“उफ़” तक न कहना: बुढ़ापे का मनोविज्ञान और ‘आजिज़ी’ की थेरेपी (Geriatric Psychology: The Prohibition of ‘Uff’ & Body Language of Humility)
January 28, 2026
क्या बुढ़ापे में माता-पिता की देखभाल एक मनोवैज्ञानिक चुनौती है? सूरह अल-इसरा (17:23-24) और Geriatric Psychology से समझें ‘उफ़’ न कहने (Impulse Control) और ‘आजिज़ी’ की बॉडी लैंग्वेज (Non-verbal communication) का वैज्ञानिक रहस्य।
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शादी का मनोविज्ञान: ‘लिबास’, ‘सुकून’ और प्यार की केमिस्ट्री (The Psychology of Marriage: ‘Garment’, ‘Tranquility’ & The Chemistry of Love)
January 29, 2026
क्या शादी सिर्फ एक सामाजिक कॉन्ट्रैक्ट है? सूरह अर-रूम (30:21) और मनोविज्ञान से समझें कि कुरान ने पति-पत्नी के रिश्ते को ‘सुकून’, प्यार के हार्मोन (Dopamine) और ‘लिबास’ की तरह क्यों बताया है।
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बहुविवाह: यतीमों के संरक्षण से सामाजिक संतुलन तक :Polygamy- From Orphan Protection to Social Balance (Polygamy Part1)
January 30, 2026
Polygamy:- प्राचीन काल में बहुविवाह (Polygamy) की कोई सीमा नहीं थी और इसे पुरुषों के विशेषाधिकार के रूप में देखा जाता था। इस्लाम पर अक्सर इसका दायरा बढ़ाने का आरोप लगता है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कुरान दुनिया का पहला और एकमात्र धार्मिक ग्रंथ है जिसने स्पष्ट रूप से “केवल एक शादी करो” (Marry only
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बहुविवाह की आवश्यकता: Why Society Needs Polygamy (Polygamy Part-2)
January 30, 2026
Deep Analysis: Why Society Needs Polygamy:- अकसर लोग कहते हैं कि कुरान मे बहुविवाह की अनुमति केवल उहुद की लड़ाई के बाद इसलिए दी गई थी क्योंकि उस समय बहुत-सी महिलाएँ विधवा हो गई थीं और बच्चे अनाथ हो गए थे। हकीकत मे सिर्फ यही एक वजह नही है। कुरान की विशेषता यह है कि वह
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- पुनरुत्थान का तर्क: प्रकृति, नींद और दूसरी रचना (The Logic ofतृ Resurrection: Nature, Sleep कचकककचङङ & The Second Creation)
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