क्या पूरी दुनिया में Interest Free Economy संभव है? (Interest Part2)
क्या बिना ब्याज के दुनिया की अर्थव्यवस्था चल सकती है? जानिए कैसे ‘Islamic Banking’, मुशारका और ‘Sukuk’ (बोंड्स) 2008 जैसी आर्थिक मंदी से बचाकर एक न्यायपूर्ण समाज बना सकते हैं।
क्या बिना ब्याज के दुनिया की अर्थव्यवस्था चल सकती है? जानिए कैसे ‘Islamic Banking’, मुशारका और ‘Sukuk’ (बोंड्स) 2008 जैसी आर्थिक मंदी से बचाकर एक न्यायपूर्ण समाज बना सकते हैं।
क्या ब्याज (Interest) अर्थव्यवस्था को बढ़ाता है या बर्बाद करता है? कुरान (सूरह अल-बकरा) और आधुनिक अर्थशास्त्र से समझें ‘रीबा’ (चक्रवृद्धि ब्याज) का विनाशकारी सच और इस्लाम का मानवीय ‘दिवालियापन कानून’।